“आदिवासी देवी देवताओं का अपमान नहीं किया” वायरल वीडियो पर चिन्ना जीयर स्वामी की सफ़ाई

हिन्दू आध्यात्मिक नेता चिन्ना जीयर स्वामी ने आदिवासी देवी-देवताओं पर टिप्पणी के मामले में सफ़ाई दी है. उन पर आरोप है कि उन्होंने आदिवासी देवी देवताओं को को नीचा दिखाने वाली टिप्पणी की थी. चिन्ना जीयर ने कहा, "लगभग 20 साल पहले की गई टिप्पणियों के लिए मुझे निशाना बनाना अनुचित है. उन्होंने कहा कि जो लोग एक वीडियो क्लिप को आधार बना कर उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पहले तथ्यों की जाँच करनी चाहिए.

0
226

तेलंगाना में जाने माने हिन्दू आध्यात्मिक नेता चिन्ना जीयर स्वामी ने आदिवासी देवी-देवताओं पर टिप्पणी के मामले में सफ़ाई दी है. उन पर आरोप है कि उन्होंने आदिवासी देवी देवताओं को को नीचा दिखाने वाली टिप्पणी की थी.

इस सिलसिले में एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद तेलंगाना में यह बड़ा मुद्दा बन गया है. जीयर स्वामी ने कहा है कि इस मामले को बेवजह ही हवा दे दी गई है.

शुक्रवार को यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, आध्यात्मिक नेता ने कहा कि उन्होंने समता मूर्ति रामानुज चार्युलु और उनके आध्यात्मिक गुरु पेद्दा जीयर द्वारा निर्धारित प्रथाओं और परंपराओं का पालन किया, जिसमें आदिवासियों, हरिजन और विशेष रूप से महिलाओं सहित सभी लोगों को समान सम्मान दिया गया.

सम्मका सरलम्मा जात्रा का दृश्य

पिछले कुछ दिनों से उनकी हो रही आलोचना का जिक्र करते हुए चिन्ना जीयर ने कहा, “लगभग 20 साल पहले की गई टिप्पणियों के लिए मुझे निशाना बनाना अनुचित है. उन्होंने कहा कि जो लोग एक वीडियो क्लिप को आधार बना कर उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पहले तथ्यों की जाँच करनी चाहिए.

उन्होनें कहा कि आलोचकों को पहले उन तथ्यों और संदर्भों को जानना चाहिए जिनमें वे टिप्पणियां की गई थीं. 

उन्होंने कहा कि यदि वे मुझे संदर्भ से बाहर उद्धृत करना चाहते हैं, तो मुझे उनकी अज्ञानता पर दया आती है और इसे उनके विवेक पर छोड़ देते हैं.

तेलंगाना में होने वाले आदिवासी उत्सव सम्मक्का सरलम्मा जतारा को एशिया का सबसे बड़ा आदिवासी उत्सव माना जाता है. तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों से आदिवासी और गैर-आदिवासी भक्त इस मेले में हिस्सा लेते हैं.

इन राज्यों के आदिवासी देवी-देवताओं के दर्शन के लिए भारी संख्या में मेले में उमड़ पड़ते हैं.  इस अनुष्ठानों में भक्त अपने देवताओं को गुड़ चढ़ाते हैं.  

तेलंगाना में इस उत्सव में अक्सर मुख्यमंत्री से लेकर सभी महत्वपूर्ण लोग शामिल होते हैं. इस लिहाज़ से यह पूरा घटनाक्रम तेलंगाना में राजनीतिक रंग भी ले सकता है. 

इस पूरे मामले को चिन्ना जीयर स्वामी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बीच अनबन से भी जोड़ा जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि इस विवाद और वायरल वीडियो के पीछे तेलंगाना राष्ट्रीय समिति का हाथ है.

दरअसल जब प्रधानमंत्री ने रामानुज चार्युलु की मूर्ति का अनावरण किया तो उस समय राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि उसके बाद से चिन्ना जियार स्वामी से मुख्यमंत्री नाराज़ हैं.

तेलंगाना में कुल आबादी का क़रीब 9.38 प्रतिशत आदिवासी है. इस लिहाज़ से राज्य की राजनीति में आदिवासी आबादी काफ़ी मायने रखती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here