आदिवासियों को बैंक लोन दिलाने के लिए कदम उठाएगी झारखंड सरकार

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सोसाइटी बैंक में चल रही योजनाओं से आदिवासी जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का हर संभव प्रयास करे. हमें विकास के पैमानों को गति देनी है. खेतीबाड़ी से जुड़े किसान भाइयों को लोन लेने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए सरकार उनका गारंटर बन रही है.

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झारखंड सरकार अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) के लोगों की कर्ज की समस्या का  समाधान करने के लिए जल्द कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट (Chotanagpur Tenancy-Santhal Pargana Tenancy Act) जरूरतमंदों को बैंक लोन देने में बाधा न बने इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है.

सरकार एवं बैंकिंग सेक्टर के लोगों के प्रयास से जनकल्याणकरी योजनाओं को वृहत रूप दिया जा रहा है. उन्होंने बैंकों से कहा कि वे आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का हरसंभव प्रयास करें.

सीएम हेमंत सोरेन ने शनिवार शाम जमशेदपुर में आयोजित अखिल भारतीय संथाल बैंक कर्मचारी समिति के दूसरे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही.

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “कई लोग छोटानागपुर किरायेदारी (CNT) अधिनियम और संथाल परगना किरायेदारी (SPT) अधिनियम के प्रावधानों के कारण बैंक लोन का लाभ नहीं उठा सकते हैं. राज्य सरकार इस समस्या को हल करने की कोशिश कर रही है.”

उन्होंने कहा कि इससे उन आदिवासियों में उम्मीद जगेगी, जिन्हें अपनी जमीन-जायदाद के बदले बैंकों से कर्ज मिलना मुश्किल हो रहा है.

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सोसाइटी बैंक में चल रही योजनाओं से आदिवासी जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का हर संभव प्रयास करे. हमें विकास के पैमानों को गति देनी है. खेतीबाड़ी से जुड़े किसान भाइयों को लोन लेने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए सरकार उनका गारंटर बन रही है. बैंक में जब ऐसे ग्रामीण किसान लोन के लिए आते हैं, तो उन्हें हर संभव मदद की आवश्यकता होती है. ऐसी स्थिति में बैंकर्स उन सभी जरूरतमंद लोगों की मदद जरूर करें.

राज्य सरकार ने अतीत में कहा था कि वह एक गारंटर के रूप में काम करके अड़चन को दूर करेगी ताकि बैंक उन जरूरतमंद लोगों को लोन दे सकें जो अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति से संबंधित हैं लेकिन यह अब तक नहीं हुआ है.

कई लोगों को लगता है कि अगर सरकार गारंटी देती है तो निश्चित रूप से अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों को बैंक से लोन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है, तो बैंक समय पर चुकाए गए ऋणों की वसूली के बारे में आश्वस्त महसूस करेंगे.

(Image Credit: The Telegraph Online)

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