केरल के एर्णाकुलम ज़िले में आदिवासी ग्राम पर्यटन की तैयारी, ज़िम्मेदार पर्यटन मिशन के तहत बन रही है योजना

0
173

केरल पर्यटन विभाग एर्णाकुलम जिले के कुट्टमपुझा की दूरदराज़ की आदिवासी बस्तियों में पर्यटन गतिविधियों की शुरुआत करना चाहता है. इसके लिए ज़िम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism – RT) मिशन के तहत सरकारी विभागों के बीच बातचीत चल रही है.

इस साल केरल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कोदमंगलम के विधायक एंटनी जॉन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में पर्यटन परियोजनाओं के बारे में प्रश्न पूछा था. इसके जवाब में पर्यटन मंत्री के सुरेंद्रन ने कोदमंगलम में विभिन्न परियोजनाओं की पुष्टि की थी. कुट्टमपुझा कोदमंगलम में आता है.

RT मिशन के तहत कुट्टमपुझा पंचायत में एक आदिवासी ग्राम पर्यटन परियोजना बनाई जा रही है. कोविड-19 की वजह से पर्यटन क्षेत्र में आए बदलाव के हालात में कुट्टमपुझा में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की बड़ी क्षमता है.

इसी तरह के प्रोजेक्ट वायनाड की आदिवासी बस्तियों में भी चलाए जा रहे हैं. कुट्टमपुझा के कोच्चि के क़रीब होने से उम्मीद है कि शहर के निवासी आकर्षित होंगे. कुट्टमपुझा में लगभग 260 आदिवासी परिवार हैं.

आरटी मिशन परियोजनाएं आम तौर पर स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ लागू होती हैं. कुट्टमपुझा में लागू होने वाले आरटी मिशन के तहत पर्यटक ग्रामीणों के साथ समय बिता सकेंगे, उनके जीवन, हस्तशिल्प का अनुभव ले सकेंगे, उनके भोजन का स्वाद चखेंगे, और मछली पकड़ने, शहद इकट्ठा करने और अन्य परंपराओं से जुड़ सकेंगे.

कुट्टमपुझा शहद कुडुम्बश्री द्वाराअलग से मार्केट किया जाता है

हालांकि, इस परियोजना को लागू करने में अभी कई बाधाएं हैं. उसमें सबसे बड़ी बाधा है वन विभाग की अनुमति प्राप्त करना, क्योंकि आदिवासी बस्तियाँ आरक्षित वनों के अंदर स्थित हैं. यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि पर्यटक आदिवासी परिवारों का जीवन बाधित न करें.

कुट्टमपुझा में यह परियोजना अगले वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित है. इसके तहत पर्यटक सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक कुट्टमपुझा के जंगलों में सफ़ारी भी कर सकते हैं.

कुट्टामपुझा में आदिवासी आबादी काफ़ी ज़्यादा है. यहां मुतुवान, अरयन और उल्लडन आदिवासी समुदाय रहते हैं. इनमें भी मुतुवान आदिवासियों की आबादी सबसे ज़्यादा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here