मध्य प्रदेश: आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए फुसलाने के आरोप में दंपति गिरफ्तार

संशोधित मध्य प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम में धोखाधड़ी के माध्यम से धर्म परिवर्तन को दंडित किया गया है, जिसमें विवाह के लिए धर्मांतरण भी शामिल है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और नाबालिगों के धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में दो से 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में राजपुर पुलिस ने धर्म परिवर्तन के मामले में एक दंपति को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दंपति को आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित तौर पर प्रलोभन देने के आरोप में गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

राजपुर थाना प्रभारी राजेश यादव ने कहा कि आरोपी की पहचान अनार सिंह जमरे (35) और उसकी पत्नी लक्ष्मी जामरे (32) निवासी नवलपुरा गांव के रूप में की गई है. जिसे शुक्रवार को मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था.

उन्होंने बताया कि मडिल गांव निवासी प्रकाश चौहान की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई.

राजेश यादव ने कहा कि शिकायत के मुताबिक, दंपति आदिवासी महिलाओं को उनके आवास पर आमंत्रित करके पैसे, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त दवा, रोजगार और अन्य सुविधाएं देकर ईसाई धर्म अपनाने का लालच देता था.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने दंपति के घर से कुछ ईसाई धर्म के साहित्य, पेन ड्राइव और अन्य सामग्री भी जब्त की है. उन्होंने कहा कि हालांकि एक स्थानीय अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

संशोधित मध्य प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम में धोखाधड़ी के माध्यम से धर्म परिवर्तन को दंडित किया गया है, जिसमें विवाह के लिए धर्मांतरण भी शामिल है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और नाबालिगों के धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में दो से 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

पिछले महीने पुलिस ने खरगोन और झाबुआ जिलों में धर्म परिवर्तन के दो मामलों में राजस्थान और गुजरात के सात लोगों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था.

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने खरगोन जिले के धर्म परिवर्तन मामले में ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) के एक पादरी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था.

छह दिसंबर को दक्षिणपंथी समूहों के कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा कस्बे के एक मिशनरी स्कूल में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी और आठ छात्रों के ईसाई धर्म में कथित रूप से धर्मांतरण को लेकर हंगामा किया था.

उन्होंने बताया कि बाद में तोड़फोड़ के सिलसिले में दक्षिणपंथी समूहों के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया.

29 नवंबर को हुई एक बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस के साथ-साथ राज्य प्रशासन को धार्मिक रूपांतरण में शामिल लोगों सहित विदेशी धन प्राप्त करने वाले गैर सरकारी संगठनों के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया था.

(तस्वीर प्रतिकात्मक है)

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