औद्योगीकरण के नाम पर आदिवासियों की जमीन बेच रही ओडिशा सरकार: विपक्ष

विपक्ष ने आरोप लगाया कि सुंदरगढ़ ज़िले में भूषण स्टील प्लांट को पहले दी गई जमीन का एक टुकड़ा अब वेदांत को सौंप दिया गया है. ज्ञापन के जरिए विपक्षी दलों ने आदिवासियों के विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल का ध्यान भी खींचा.

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ओडिशा सरकार पर विपक्षी दलों ने एक बड़ा आरोप लगाया है. विपक्षी दल कांग्रेस और बीजेपी का दावा है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद (BJD) सरकार, औद्योगीकरण के नाम पर आदिवासियों की भूमि का अधिग्रहण कर रही है और बाद में उन्हें निजी कंपनियों को सौंप रही है.

दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों ने राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है.

कांग्रेस और बीजेपी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिशा-निर्देशों का घोर उल्लंघन कर सार्वजनिक सुनवाई किए बिना निजी कंपनियों को आदिवासियों की जमीन सौंप रही है.

विपक्ष ने आरोप लगाया कि सुंदरगढ़ ज़िले में भूषण स्टील प्लांट को पहले दी गई जमीन का एक टुकड़ा अब वेदांत को सौंप दिया गया है. ज्ञापन के जरिए विपक्षी दलों ने आदिवासियों के विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल का ध्यान भी खींचा.

बीजेपी विधायक कुसुम टेटे ने आरोप लगाया, “ओडिशा सरकार औद्योगीकरण के नाम पर आदिवासियों की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रही है और इसे कंपनियों को सौंप रही है. अब वे सुंदरगढ़ जिले की झमकानी पंचायत में तीन कोयला खदानें बना रहे हैं. पहले उन्होंने भूषण स्टील को दिया था लेकिन कोई काम नहीं हुआ. अब वे इसे अवैध रूप से आईडीसीओ के माध्यम से वेदांत को सौंप रहे हैं.”

वहीं कांग्रेस विधायक सीएस राजन एक्का ने कहा, “हमने न्याय के लिए राज्यपाल से संपर्क किया है. अगर इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया, तो हम सड़कों पर उतरेंगे.”

हालांकि, सत्तारूढ़ बीजद ने आरोपों का खंडन किया है. बीजद विधायक राजकिशोर दास ने कहा, “वे (विपक्ष) केवल बांटो और राज करो की राजनीति को जानते हैं. वे दिल्ली में उपद्रव कर रहे हैं. वे यहां भी ऐसा ही कर रहे हैं. दिल्ली में उनका अलग स्टैंड है और यहां उनका स्टैंड अलग है. उनकी हकीकत सभी जानते हैं इसलिए कोई भी उन पर विश्वास नहीं करता है.”

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