पूर्वी गोदावरी में भी अब पोर्जा समुदाय को मिलेगा आदिवासी का दर्जा

पोर्जा समुदाय के लोगों ने आंध्र प्रदेश सरकार की परियोजनाओं जैसे सेलेरू जलाशय और जल विद्युत संयंत्रों पर काम करने के लिए राज्य में पलायन किया, और विशाखापत्तनम और पूर्वी गोदावरी जिलों में बस गए.

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ओडिशा में बसे पोर्जा समुदाय के लोगों के सामने एक अजीबोगरीब समस्या है. समुदाय को ओडिशा में और आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम जिले में अनुसूचित जनजाति की सूची में रखा गया है, लेकिन पूर्वी गोदावरी जिले में नहीं.

लेकिन आज, यानि मंगलवार, से स्थिति बदल सकती है, जब पूर्वी गोदावरी के अधिकारी उनके एसटी प्रमाणपत्र स्वीकार करना शुरू कर देंगे.

पोर्जा समुदाय के लोगों ने आंध्र प्रदेश सरकार की परियोजनाओं जैसे सेलेरू जलाशय और जल विद्युत संयंत्रों पर काम करने के लिए राज्य में पलायन किया, और विशाखापत्तनम और पूर्वी गोदावरी जिलों में बस गए.

यह लोग जिन जगहों पर रहते हैं उन्हें ‘उड़िया कैंप’ कहा जाता है.

समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें विशाखापत्तनम में राजस्व विभाग से एसटी प्रमाण पत्र मिला है, जिससे उन्हें शिक्षा और रोजगार में आरक्षण के लाभ मिलता है, लेकिन पूर्वी गोदावरी जिले में ऐसा नहीं है.

पोर्जा समुदाय के लोग रामपचोडावरम और चिंटूरु डिवीजन में लगभग आठ मंडलों में रह रहे हैं. समुदाय के साथ काम करने वाले होप ऑर्गनाइजेशन के सचिव रत्नम ने कहा कि लोगों खासतौर पर युवाओं को शिक्षा संस्थानों में प्रवेश और रोजगार के अवसरों में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

समुदाय के लोगों ने पूर्वी गोदावरी जिले में एसटी का दर्जा दिए जाने को लेकर राज्य सरकार को अभ्यावेदन दिया है. आखिरकार सरकार ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों को उनकी अपील पर विचार करने के लिए कहा.

अब समुदाय के लोग चार जनवरी से अपने दस्तावेज अधिकारियों को सौंपेंगे.

हाल ही में पुलिस अधीक्षक एम. रवींद्रनाथ बाबू ने समुदाय की समस्याओं की समीक्षा की थी और उनके मामले को सुलझाने की सिफारिश करने का वादा किया था.

एसोसियेशन फॉर सोशल एंड ह्यूमैनाइज एक्शन (आशा) के सचिव सुभानी ने कहा कि समुदाय के कई लोग दसवीं कक्षा में पढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें एसटी प्रमाण पत्र जमा करने में कठिनाई हो रही थी. इससे छात्रों की पढ़ाई बीच में ही रुक गई.

चिंटूरु के एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी परियोजना अधिकारी ए वेंकट रमना ने कहा है कि अधिकारियों ने उनकी स्थिति की जांच की, लेकिन समुदाय के लोग यह साबित करने के लिए उचित दस्तावेज जमा नहीं कर सके कि वे आदिवासी हैं.

अब उन्होंने कहा है कि अगर लोग उचित दस्तावेज जमा करते हैं, तो अधिकारी उन्हें एसटी प्रमाण पत्र दे देंगे.

रामपचोदावरम के उप-कलेक्टर कट्टा सिंहचलम ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी कुछ श्रेणियों में एसटी प्रमाण पत्र दे सकते हैं.

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