तेलंगाना: पीवीटीजी समूहों के लिए ख़ास योजनाओं की घोषणा

इनमें कोंडा रेड्डी आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार से लेकर उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं शामिल हैं.

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तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन भद्राद्री-कोठागुडेम जिले के दूरदराज़ के आदिवासी इलाकों के दौरे पर हैं. मंगलवार को ज़िले में कोंडा रेड्डी आदिवासी समुदाय, जो एक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) है, के सदस्यों से मिलीं.

इस पीवीटीजी आदिवासी समुदाय की मुश्किलों की समीक्षा करते हुए, सुंदरराजन ने कई योजनाएं भी लॉन्च कीं. इनमें कोंडा रेड्डी आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार से लेकर उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं शामिल हैं.

राज्यपाल ने मंगलवार को कोंडा रेड्डी आदिवासियों की पोषण स्थिति में सुधार के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत दम्मपेटा मंडल के सुदूर पुसुकुंटा गांव का दौरा किया.

अपनी पारंपरिक पोषाकें पहने कोंडा रेड्डी आदिवासियों ने ढोल की थाप के बीच राज्यपाल का जोरदार स्वागत किया. इस आदिवासी बस्ती, जो पायलट प्रोजेक्ट के तहत पोषण में सुधार से जुड़े कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए राज्यपाल द्वारा अपनाई गई दो दूरस्थ बस्तियों में से एक है, में उत्सव का माहौल था.

राज्यपाल ने गोद ली गई आदिवासी बस्तियों के विकास के लिए ₹ 44.32 लाख का चेक सौंपा. उन्होंने पुसुकुंटा और गोगुलापुडी बस्तियों में एक-एक सामुदायिक हॉल और पुसुकुंटा के प्राइमरी स्कूल में क्लासरूम की आधारशिला भी रखी.

उन्होंने दोनों बस्तियों के कोंडा रेड्डी आंदिवासियों को दो इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर एम्बुलेंस भी सौंपे.

राज्यपाल ने कोंडा रेड्डी आदिवासियों के कुछ फूस की छत वाले घरों का दौरा किया और उनके रहने की स्थिति और सदियों पुरानी आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों का अनुभव किया. उनकी विज़िट के दौरान हैदराबाद के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम ने पुसुकुंटा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया.

शिविर के दौरान डॉक्टरों की टीम ने अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग और दूसरे कुछ ​​परीक्षण भी किए. इन टेस्टों से बस्ती में एक ब्रेन ट्यूमर और दो पेट के ट्यूमर के मामलों का पता चला. इसके अलावा डॉक्टरों ने पाया कि बस्तियों की 75% से ज़्यादा आदिवासी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं.

आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने जरूरतमंद रोगियों को ज़रूरी चिकित्सा सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया. उन्होंने कहा कि आदिवासी बस्तियों के विकास के लिए सतत और सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है.

“आपका (PVTGs) स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, आजीविका और आपकी भलाई मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं. न केवल राज्यपाल के रूप में बल्कि एक डॉक्टर के रूप में भी, मुझे आपके स्वास्थ्य, पोषण और भलाई की चिंता है,” उन्होंने कहा. राज्यपाल ने अपील की कि पीवीटीजी की भलाई के लिए सबको हाथ मिलाना चाहिए. बस्तियों में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर इसी तरह की पहल दूसरी दूरदराज़ की आदिवासी बस्तियों में भी की जाएगी.

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