आदिवासियों को कोविड वैक्सीन तक लाने के लिए लगी उपहारों की लड़ी

वैक्सीन लगवाने पर पापाति को 32 इंच का एलईडी टेलीविजन सेट मिला, जिसे उन्होंने तिरुपत्तूर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक लकी ड्रॉ में जीता था. लकी ड्रॉ का आयोजन प्रशासन ने ज़िले के निवासियों, ख़ासतौर पर आदिवासियों, को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया था.

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तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में जावादु हिल्स की नेल्लीपट्टू आदिवासी बस्ती की रहने वाली 42 साल की पापाति अपने जीवन में शायद ही कभी पहाड़ से नीचे उतरी हैं. वह पहाड़ी पर ही एक छोटे से प्लॉट पर सब्जियां उगाकर अपने परिवार की मदद करती हैं.

एक सामुदायिक टेलीविजन सेट न केवल पापाति के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए कई सालों से मनोरंजन का इकलौता साधन है. लेकिन कोविड वैक्सिनेशन ने हालात थोड़े बदल दिए हैं.

वैक्सीन लगवाने पर पापाति को 32 इंच का एलईडी टेलीविजन सेट मिला, जिसे उन्होंने तिरुपत्तूर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक लकी ड्रॉ में जीता था. लकी ड्रॉ का आयोजन प्रशासन ने ज़िले के निवासियों, ख़ासतौर पर आदिवासियों, को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया था.

पापाति ने नया टेलीविजन सेट भी अपने गांव को ही दे दिया. वह अब गांव के सरकारी सामुदायिक केंद्र में पड़ोसियों और आदिवासी बुजुर्गों के साथ टेलीविजन देखती हैं.

उनका ऐसा करना आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली का ही एक हिस्सा है. टीवी को सामुदायिक केंद्र को सैंपने के बारे में पापाति के पति कहते हैं, “आदिवासी आमतौर पर अपने लिए कुछ नहीं रखते. हम अपना भोजन, ज़रूरी सामान और कृषि उपज भी बांटते हैं. गांव ही हमारा परिवार है.”

नेल्लीपट्टू पुदुर नाडु का हिस्सा है, जो जावादु पहाड़ियों के 32 गांवों में से एक है. तिरुपत्तूर जिला प्रशासन शनिवार को भी वैक्सिनेशन कैंप के अंत में तीन भाग्यशाली विजेताओं को एक एलईडी टेलीविजन सेट, मिक्सर और ग्राइंडर देगा.

मीलों दूर, वेल्लोर कॉरपोरेशन, जिसमें चार ज़ोन में 60 वार्ड हैं, ऐसे लोगों को घर का सामान देता है जो वैक्सिनेशन मेगा कैंपों में टीका लगवाते हैं. दिए जाने वाले सामान में वॉशिंग मशीन, मिक्सर, ग्राइंडर, स्टील के बर्तन, फ्रिज, वॉटर हीटर, स्टील की अलमारी जैसी चीज़ें शामिल हैं.

इन उपहारों के दिए जाने के पीछे मक़सद है ज़्यादा से ज़्यादा लोगों, ख़ासतौर पर आदिवासियों, का वैक्सिनेशन करना. सभी उपहार कल्याणकारी संगठनों और कंपनियों द्वारा स्पॉन्सर किए जाते हैं. कंपनियां इसके लिए अपने सीएसआर फ़ंड का इस्तेमाल करती हैं.

तिरुवन्नामलाई ज़िले में भी वैक्सीन लगवाने वाले पहले 50 व्यक्तियों को साइकिल दी गई. और जिले के पिछले मेगा कैंप में वैक्सीन लगवाने वाले पहले 150 व्यक्तियों को एक लीटर मुफ्त पेट्रोल दिया गया था.

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