आंध्र प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा 5 मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल- वाई एस जगन मोहन रेड्डी

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई सालों में राज्य ने नाडु-नेदु कार्यक्रम (Nadu-Nedu Programme) के तहत मौजूदा अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (PHC), शहरी स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (UHC) और जिला अस्पतालों का नवीनीकरण किया है.

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने पांच आदिवासी क्षेत्रों में पांच मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने का काम शुरू कर दिया है.

दरअसल गुरुवार को आरोग्यश्री योजना पर एक संक्षिप्त चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पांच अस्पताल एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) क्षेत्रों की सीमा में आएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पांच पडेरू में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के साथ एक शिक्षण अस्पताल के अतिरिक्त होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शिक्षण अस्पतालों के साथ 16 मेडिकल कॉलेज भी स्थापित कर रही है. उन्होंने कहा, “हमारे पास आजादी के बाद से अब तक राज्य में सिर्फ 11 शिक्षण अस्पताल हैं. पिछले दो वर्षों में हमने 16 और शिक्षण अस्पतालों को जोड़ना शुरू किया है. एक बार जब ये 16 अस्पताल लोगों को चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना शुरू कर देंगे तो 25 लोकसभा क्षेत्रों वाले राज्य में 27 शिक्षण अस्पताल होंगे.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई सालों में राज्य ने नाडु-नेदु कार्यक्रम (Nadu-Nedu Programme) के तहत मौजूदा अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (PHC), शहरी स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (UHC) और जिला अस्पतालों का नवीनीकरण किया है.

उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और सुविधाओं सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के साथ राज्य में 1328 पीएचसी, 52 क्षेत्रीय अस्पतालों, 190 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नवीनीकरण के अलावा 1032 वाईएसआर ग्राम क्लीनिक, 560 शहरी स्वास्थ्य क्लीनिक स्थापित कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अस्पतालों और क्लिनिक के उन्नयन पर 16,255 करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश देश में पहली बार आरोग्यश्री स्वास्थ्य योजना के तहत कोविड-19 उपचार लाया था. सरकार ने कोविड-19 उपचार और शमन पर 3,648 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

मुख्यमंत्री ने कहा, “देश में कोविड-19 की मृत्यु दर 1.35 फीसदी थी जबकि राज्य में यह सिर्फ 0.7 फीसदी थी. यह निरंतर और सतर्क प्रयासों के कारण संभव हुआ है.”

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