आदिवासी कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ FIR, जंगल की बस्तियों में मदद के लिए जा रहे थे

यह घटना अन्नामलाई टाइगर रिज़र्व फ़ॉरेस्ट की है. जानकारी के अनुसार एक एनजीओ ‘तमिलनाडु पीपल्स एसोसिएशन ‘ के अध्यक्ष वीएस परमाशिवम के ख़िलाफ़ आरोप है कि वो बिना इजाज़त के लोगों के साथ जंगल में घुसे थे.

0
444

तमिलनाडु में वन विभाग ने आदिवासियों के लिए काम करने वाली एक ग़ैर सरकारी संस्था के अध्यक्ष के ख़िलाफ़ एफ़आइआर दर्ज कराई है.

यह घटना अन्नामलाई टाइगर रिज़र्व फ़ॉरेस्ट की है. जानकारी के अनुसार एक एनजीओ ‘तमिलनाडु पीपल्स एसोसिएशन ‘ के अध्यक्ष वीएस परमाशिवम के ख़िलाफ़ आरोप है कि वो बिना इजाज़त के लोगों के साथ जंगल में घुसे थे. 

वन विभाग की तरफ़ से कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान विभाग ने आदिवासियों की पूरी मदद की है. विभाग ने दावा किया है कि पोलाची फ़ॉरेस्ट डिविज़न में जंगल के भीतर आदिवासियों की 18 बस्ती हैं और इन सभी बस्तियों में मदद दी गई है. 

इस घटना के बारे में वन विभाग ने कहा है कि शनिवार यानि 7 फ़रवरी को परमाशिवम अपने साथियों के साथ अलियर फ़ॉरेस्ट चेक पोस्ट पर पहुँचे.

वो अपने साथियों के साथ जंगल में आदिवासी बस्तियों में जाना चाहते थे. उन्होंने चेक पोस्ट पर बताया कि वो इन बस्तियों में शौचालयों के निर्माण के लिए जाना चाहते हैं. 

लेकिन वन विभाग ने उन्हें जंगल में जाने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद परमाशिवम ने सोशल मीडिया पर इस मसले को उठाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें आदिवासियों से मिलने से रोका गया है. 

उधर वन विभाग का कहना है कि विभाग का आदिवासियों के साथ अच्छा रिश्ता है. विभाग ने परमाशिवम पर आरोप लगाया है कि वो आदिवासियों को वन विभाग के ख़िलाफ़ भड़का रहे हैं.

विभाग ने कहा है कि चेक पोस्ट पर परमाशिवम और उनके साथियों ने कर्मचारियों के साथ बहस की और गालियों का इस्तेमाल भी किया.  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here