सोनिया गांधी का दबाव आया काम, महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासियों के लिए 454 करोड़ दिए

राज्य सरकार इस पैसे के अधिकतम हिस्से का इस्तेमाल आदिवासी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने पर ख़र्च करेगी. इसके अलावा राज्य सरकार इस फंड से आदिवासी छात्रों के लिए चल रहे आश्रम स्कूल के अध्यापकों का वेतन भी देगी.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के लिए 454 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सोनिया गांधी ने इस सिलसिले में राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने कहा था कि सामाजिक तौर पर पिछड़े वर्गों के लिए किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए.

राज्य सरकार इस पैसे के अधिकतम हिस्से का इस्तेमाल आदिवासी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने पर ख़र्च करेगी. इसके अलावा राज्य सरकार इस फंड से आदिवासी छात्रों के लिए चल रहे आश्रम स्कूल के अध्यापकों का वेतन भी देगी. 

सोनिया गांधी ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर आदिवासियों से किए वादे पूरे करने को कहा था

दरअसल राज्य के कांग्रेस नेता यह महसूस कर रहे थे कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सरकार ने राज्य में सरकार बनाते समय जो वादे किये थे, वो पूरे नहीं किए जा रहे हैं. ख़ासतौर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए किए गए वादों के लिए बजट में प्रावधान तो किया गया है, लेकिन फंड रिलीज़ नहीं किया जा रहा है. 

राज्य के पार्टी नेताओं की शिकायत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार को वो वादे याद दिलाए थे जो सरकार बनाते समय राज्य के लोगों से किये गए थे. इस पत्र को कांग्रेस पार्टी ने सार्वजनिक भी किया था.

महाराष्ट्र में कम से कम 47 आदिवासी समूह रहते हैं. इन आदिवासी समूहों में 3 समूह पीवीटीजी यानि आदिम श्रेणी में आते हैं. देश की कुल आदिवासी आबादी का 10 प्रतिशत से ज़्यादा महाराष्ट्र में रहता है. 

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