ओडिशा: पीवीटीजी आदिवासियों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज

मुख्य रूप से पैकेज का लाभ विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी)साभूमिहीन किसानों, कंस्ट्रक्शन मज़दूरों, शहरी गरीबों, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (एसएफएसएस) के लाभार्थियों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों को मिलेगा.

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कोविड-19 महामारी के चलते हुए आजीविका के नुकसान और लाखों लोगों के निजी आर्थिक संकट को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 1,690.46 करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है. यह पैसा समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमज़ोर वर्गों को दिया जाएगा.

मुख्य रूप से पैकेज का लाभ विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी)साभूमिहीन किसानों, कंस्ट्रक्शन मज़दूरों, शहरी गरीबों, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (एसएफएसएस) के लाभार्थियों और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम और शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों को मिलेगा.

इस रक़म का बंटवारा कुछ इस तरह होगा. पीवीटीजी समुदायों के 66,214 सदस्यों को पांच-पांच हज़ार रुपए दिए जाएंगे. ओडिशा में सबसे ज़्यादा 13 पीवीटीजी समुदाय रहते हैं. इनमें डोंगरिया कोंध, बोंडा, बिरहोर, खड़िया, मानकिड़िया और लोधा जैसे समुदाय शामिल हैं.

इसके अलावा पैकेज में से 17.89 लाख भूमिहीन किसानों को एक हज़ार रुपए की विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी. आजीविका और आय वृद्धि (KALIA) के लिए 178.911 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं.

सरकार ने मुख्यमंत्री कर्म तत्पर अभियान या मुक्ता योजना के तहत 260 करोड़ रुपए रखे हैं. यह योजना शहरी मज़दूरी रोज़गार की है. मनरेगा मज़दूरों को उनके सामान्य वेतन से 50 रुपए ज़्यादा अप्रैल और जून के बीच दिया जाएगा. इसके लिए 300 करोड़ रुपए का ख़र्च आएगा.

इसके अलावा हर पंजीकृत कंस्ट्रक्शन मज़दूर को 1500 रुपए की विशेष कोविड-19 सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 360 करोड़ रुपए ख़र्च होंगे.

सरकार जुलाई से नवंबर तक एसएफएसएस लाभार्थियों को 5 किलो मुफ्त चावल मुहैया कराएगी, जिसके लिए 92.86 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

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