ओडिशा: जुआंग पीवीटीजी आदिवासियों की तीन बस्तियों में सोमवार से विशेष वैक्सिनेशन अभियान

एहतियात के तौर पर आदिवासियों को कोविड से बचाने के लिए वैक्सिनेशन अभियान चलाया जाएगा. इसमें गांव के लगभग 200 वयस्कों को वैक्सीन लगेगा.

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ओडिशा के जाजपुर ज़िले के नागड़ा गांव में एहतियात के तौर पर सोमवार को प्रशासन द्वारा कोविड वैक्सिनेशन अभियान शुरू किया जा रहा है.

इस आदिवासी बस्ती में अभी तक कोई कोविड का मामला नहीं पाया गया है. लेकिन दो हफ्ते पहले नागड़ा के कई आदिवासियों ने बुखार की शिकायत की थी, जिसके बाद गांव के निवासियों की जांच के लिए एक विशेष मेडिकल टीम वहां भेजी गई.

टीम ने बुखार से पीड़ित आदिवासियों के कुल 51 खून के नमूने लिए. इनमें पांच बच्चों में मलेरिया पाया गया, जबकि 17 को ‘वायरल फीवर’ था.

बुखार की शिकायत करने वाले आदिवासियों में कोविड के कोई लक्षण नहीं थे, इसलिए उन्हें दवाएं दी गईं और सभी ठीक हो गए.

कहां है नागड़ा गांव

एक पहाड़ी चोटी पर स्थित नागड़ा को तीन हिस्सों में बांटा गया है – तल नागड़ा, उपरा नागड़ा और मांझी नागड़ा. इन तीन बस्तियों में जुआंगा आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं.

इन तीनों बस्तियों की आबादी लगभग 320 है. जुआंगा ओडिशा के 13 विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों यानि पीवीटीजी में से एक है.

नागड़ा 2016 में बाल कुपोषण से होने वाली मौतों के लिए काफ़ी सुर्खियों में रहा था. ज़ाहिर है प्रशासन फिर से ग़लत वजहों से सुर्खियों में नहीं आना चाहता.

विशेष अभियान क्यों

सुकिंडा तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मेडिकल ऑफ़िसर डॉ जयदेव नंदा ने मीडिया को बताया कि नागड़ा गांव में फ़िलहाल एक भी कोविड केस नहीं है. स्वास्थ्य टीम हफ़्ते में दो बार आदिवासी गांव का दौरा करती है और स्थिति पर पैनी नज़र रखे हुए है.

लेकिन एहतियात के तौर पर आदिवासियों को कोविड से बचाने के लिए वैक्सिनेशन अभियान चलाया जाएगा. इसमें गांव के लगभग 200 वयस्कों को वैक्सीन लगेगा.

पिछले हफ्ते ज़िला प्रशासन ने आदिवासियों को कोविड-19 के बारे में शिक्षित करने, मास्क के उपयोग और वायरस के खिलाफ एहतियात के तौर पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए एक जागरुकता कार्यक्रम शुरू किया था.

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