आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री की चहेती पेंशन योजना से आदिवासी वंचित, कई आवेदनों के बाद भी नहीं मिल रहा फ़ायदा

आदिवासियों का कहना है कि उन्होंने इस साल जनवरी में स्पंदन कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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आंध्र प्रदेश के अनकपल्ली ज़िले के आदिवासी गांवों के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकारी अधिकारी उन्हें जानबूझ पर पेंशन से वंचित कर रहे हैं. इसके विरोध में उन्होंने रविकमठम के एमपीडीओ (Mandal Parishad Development Officer – MPDO) से न्याय की अपील की है.

उन्होंने एमपीडीओ को बताया कि ग्राम सचिवालय के कर्मचारियों ने लाभार्थियों की सूची से उनके नाम हटा दिए हैं. उन्होंने गिरिजन संघम के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया और एमपीडीओ को एक ज्ञापन सौंपा.

आदिवासियों का कहना है कि उन्होंने इस साल जनवरी में स्पंदन कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

70 साल की आदिवासी आदमी डोला वाली को पिछले 10 साल से पेंशन मिल रही थी, लेकिन अब उनका नाम इस सूची से हटा दिया गया है. उनका नाम हटाने के पीछे आधार यह है कि रिकॉर्ड के अनुसार उनके नाम पर 60 सेंट ज़मीन है. उन्होंने पेंशन को फिर से शुरू करने की मांग की, जिसे आठ महीने पहले रोक दिया गया था.

इसी तरह, 70 साल की अप्पिली राजुलम्मा, जिन्होंने दो साल पहले अपने पति को खो दिया था, और 50 साल की डी. रामुलम्मा, जिनके पति की मौत भी दो साल पहले हुई थी, को पेंशन नहीं मिल रही है. उन्होंने भी इसके लिए आवेदन किया है. गडुवा पंचायत के गुडा चिंतल्ली, जिन्होंने पंचायत को वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन दिया था, उनका आवेदन भी स्वीकृत नहीं किया गया है.

एक तरफ़ जहां राजुलम्मा का पेंशन आवेदन स्वीकारा नहीं गया है, रामुलम्मा को उनकी पेंशन राशि नहीं मिली है, हालांकि उनका नाम सूची में था. आदिवासी लोगों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी सचेतक करनम धर्मश्री, जो अपने ‘गडपा, गदपा कू वाईएसआरसीपी’ कार्यक्रम के दौरान लोगों को बता रहे थे कि राज्य सरकार सभी लाभार्थियों को ‘नवरत्नलु’ प्रदान कर रही है, चाहे उनकी पार्टी से कोई संबंध हों या नहीं, पात्रता मानदंडों को पूरा करने के बावजूद आदिवासियों को लाभ से वंचित कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश गिरिजन संघम के नेता के गोविंदा राव ने इस मुद्दे को एमपीडीओ के संज्ञान में लिया, जिन्होंने जांच कराने और आदिवासी लोगों को न्याय सुनिश्चित करने का वादा किया है.

नवरत्नलुके तहत योजनाएं

नवरत्नलु आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी द्वारा शुरू की गईं नौ कल्याणकारी योजनाएं हैं, जो उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान वादा किया गया था.

यह नौ योजनाएं हैं:

  • वाईएसआर रायतु भरोसा
  • जगनन्ना विद्या दीवेना
  • वाईएसआर आरोग्यश्री
  • वाईएसआर जल कला
  • शराबबंदी
  • जगनन्ना अम्मावोदी
  • वाईएसआर आसरा और वाईएसआर चेयुता
  • ग़रीबों के लिए आवास
  • वाईएसआर पेंशन कानुका

पेंशन कानुका के तहत वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए पेंशन राशि को बढ़ाया गया है, साथ ही इसकी आयु पात्रता को संशोधित करते हुए 60 साल कर दिया गया है.

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