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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की शोम्पेन जनजाति ने पहली बार डाला वोट

शोम्पेन जनजाति के सदस्यों ने न सिर्फ 'शोम्पेन हट' नामक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया बल्कि चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए एक कटआउट पर सेल्फी भी ली जिस पर लिखा था, 'मतदान जरूर करें.'

इतिहास में पहली बार अंडमान और निकोबार द्वीप (Andaman and Nicobar Islands) समूह की शोम्पेन जनजातियों (Shompen tribes) ने 2024 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections) में मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया.

चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण में शोम्पेन जनजाति के 7 लोगों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया.

ग्रेट निकोबार द्वीप के घने उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में रहने वाले शोम्पेन लोग भारत में सबसे कम अध्ययन किए गए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में से एक हैं. शोम्पेन लोग द्वीपसमूह के भीतर एक विशिष्ट जनजातीय समुदाय हैं.

शोम्पेन ग्रेट निकोबार द्वीप के सुदूर दक्षिण में रहते हैं, जो भूगोल की दृष्टि से अंतिम भारतीय भूभाग है. वे मुख्य द्वीप प्रक्रियाओं से कटे हुए हैं और एक एकांतवासी जनजाति हैं और द्वीप के कुछ हिस्सों में रहने वाले निवासियों से दूर रहते हैं.

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे कितनी राजनीतिक प्रक्रियाओं को समझते हैं या उनमें हिस्सा भी लेते हैं. वे एक अलग भाषा बोलते हैं. उनके लिए कोई स्कूल नहीं हैं. लेकिन आदिम जनजाति विकास समिति (AAJVS) के कर्मचारी आदिवासी सदस्यों के साथ संवाद करने में दूसरों की मदद करते हैं.

शोम्पेन जनजाति के सदस्यों ने न सिर्फ ‘शोम्पेन हट’ नामक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया बल्कि चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए एक कटआउट पर सेल्फी भी ली जिस पर लिखा था, ‘मतदान जरूर करें.’

मुख्य चुनाव आयुक्त बीएस जगलान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “यह पहली बार है कि शोम्पेन जनजाति के सात सदस्यों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है. पहले हमने एक ट्रेनर की मदद से उन्हें ईवीएम और वीवीपैट की ट्रेनिंग दी थी. यह देखना अच्छा रहा कि वे जंगल से आए और पहली बार मतदान किया.”

उन्होंने कहा, “अन्य दो आदिम जनजातियों जैसे कि ओंगे और ग्रेट अंडमानीज ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. लेकिन 98 शोम्पेन मतदाताओं में से 7 शोम्पेन ने पहली बार ऐसा किया.”

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के रिटर्निंग ऑफिसर अर्जुन शर्मा ने कहा कि डुगोंग क्रीक जहां आरंभिक ओंगे जनजाति विशेष रूप से रहती है, वहां करीब 91 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई है. यह एक सुरक्षित वन क्षेत्र वाला इलाका है.

उन्होंने कहा कि 68 ओंगे में से 35 पुरुष और 27 महिलाओं को मिलाकर 62 ने वोट डाला.

वहीं स्ट्रेट द्वीप जो कि ग्रेट अंडमानीज के लिए विशेष प्रतिबंधित क्षेत्र है, वहां 100 फीसदी वोटिंग हुई है.

शर्मा ने कहा, “39 ग्रेट अंडमानीज में से सभी ग्रेट अंडमानीज ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है.”

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुल 3,15148 मतदाता हैं. इनमें से 39 ग्रेट अंडमानीज जनजाति, 68 ओंगे जनजाति और 98 शोम्पेन जनजाति के मतदाता हैं. इस बार कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें दो महिलाएं हैं. मुख्य मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा सांसद कुलदीप राय शर्मा और बीजेपी के बिष्णु पद रे के बीच है.

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