हाटी समुदाय की जीवन शैली जनजाति के मापदंडों पर कितनी खरी उतरती है

हमारी टीम सिरमौर ज़िले के गिरीपार के इलाक़े में कई गाँवों में गई. हम यहाँ के लोगों की जीवनशैली, उनकी जीविका के साधन और संस्कृति को समझना चाहते थे. इस सिलसिले में हम एक दिन फिड़ोग नाम के एक छोटे से गाँव में पहुँचे.

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले के गिरीपार के इलाक़े में रहने वाले हाटी समुदाय को केन्द्र सरकार ने जनजाति की सूची में शामिल करने का फ़ैसला कर लिया है. क़रीब 50 साल से जनजाति की सूची में शामिल किये जाने की माँग ले कर यह समुदाय संघर्ष करता रहा है.

हमारी टीम सिरमौर ज़िले के गिरीपार के इलाक़े में कई गाँवों में गई. हम यहाँ के लोगों की जीवनशैली, उनकी जीविका के साधन और संस्कृति को समझना चाहते थे. इस सिलसिले में हम एक दिन फिड़ोग नाम के एक छोटे से गाँव में पहुँचे.

यह गाँव सिरमौर ज़िले की शिलाई तहसील में है. यह गाँव शिलाई तहसील के जिस इलाक़े में पड़ता है उसे जेल भोज कहा जाता है. यानि यह इलाक़ा दुर्गम है जहां ज़िंदगी आसान नहीं थी. इसके अलावा यह इलाक़ा राज्य के बाक़ी इलाक़ों से अलग थलग रहता था.

वक़्त के साथ हालात बदले हैं और यहाँ भी विकास की रोशनी धीरे धीरे ही सही पहुँच रही है. लेकिन राज्य के बाक़ी हिस्सों की तुलना में यहाँ ज़िंदगी अभी भी मुश्किल कही जा सकती है. इस गाँव में हमने लोगों से हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा देने के मसले पर चर्चा में पाया कि वो इस मुद्दे पर काफ़ी जागरूक और संवेदनशील हैं.

आप इस खूबसूरत गाँव में यहाँ के लोगों से हुई बातचीत को हमारी इस वीडियो रिपोर्ट में देख सकते हैं.

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